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छत्तीसगढ़

अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाने में चांपा पुलिस को मिली सफलता

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी अनिल रात्रे द्वारा थाना चांपा में दिनांक 07.12.22 को रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह वार्ड क्रमांक 13 घोघरा नाला चांपा का पार्षद है। दिनांक 07.12.22 को सुबह करीबन 09.00 बजे के आसपास इसे मोहल्ले के लोगों से पता चला कि सामुदायिक भवन के सामनेे रहने वाली पालाबाई संवरा अपने घर के अंदर मृत पड़ी हुई है। तब प्रार्थी पहला पारा सामुदायिक भवन के पास आकर देखा तो मृतिका का घर का दरवाजा बंद था जिसे धक्का देने पर खुल गया। अंदर जाकर देखा तो घर के अंदर खाट मेें पालाबाई संवरा चित हालत में पड़ी थी। पालाबाई की मृत्यु हो गई थी तथा उसका शव खाट ऊपर पड़ा था। गले के पास साड़ी में खुन का दाग लगा हुआ था खाट ऊपर कंबल साड़ी गमछा पड़ा हुआ था। पालाबाई संवरा की संदिग्ध हालात में मृत्यु हो गई है। पालाबाई के गलेे में लगी चोंट को देखकर प्रथम दृष्टया अज्ञात व्यक्ति द्वारा गले में धारदार हथियार से मारकर हत्या कर कर देना प्रतीत होने पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना चांपा में अपराध क्रमांक 555/22 धारा 302 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
प्रकरण की गंभीरता को ध्यान में रखते हुये अज्ञात आरोपियों की पतासाजी की जा रही थी विवेचना के दौरान मुखबीर से सूचना मिला कि सुजीत यादव एवं अमन केंवट उक्त घटना में संलिप्त है तब दोनो संदेहियों को पुलिस हिरासत में लेकर मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ किया गया तो आरोपियों द्वारा बताया गया कि चोरी करने के लिए मृतिका के घर में घुसे थे मृतिका के जाग जाने एवं पहचान लेने के कारण मुंह को दबा कर गले में चाकू मार कर हत्या करना बताया तथा आरोपी सुजीत कुमार घटना में उपयोग किये हुये चाकू तथा उसके पहने हुये कपड़े खून लगा तथा चोरी किये हुये 01 नग कांसे की थाली व 01 नग मलिया तथा आरोपी अमन केंवट चोरी किये हुये सामान में से 01 नग कांसे की थाली व 01 नग कटोरी तथा मृतिका के गैस कार्ड, पास बुक, राशन कार्ड को पेश किये है तथा आरोपियों द्वारा चोरी किये हुये कुल 1200 रूपये को खर्च करना बताया गया। प्रकरण में विवेचना के दौरान धारा 460,34 भादवि जोड़ी गई।
⏩आरोपी सुजीत कुमार यादव उम्र 23 वर्ष निवासी तिसरा पारा घोघरानाला एवं अमन केंवट उम्र 19 वर्ष निवासी अधुरा चौक बेलदार पारा चांपा को दिनांक 12.12.22 को गिरफ्तार किया गया।
अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाने में निरीक्षक मनीष सिंह परिहार, उनि भुवनेश्वर प्रसाद तिवारी, नागेश तिवारी, सउनि बेलसज्जर लकड़ा, रामप्रसाद बघेल, प्र.आर. राकेश तिवारी, अजय चतुर्वेदी, आर. रोहित कहरा, ईश्वरी राठौर एवं माखन साहू का विशेष योगदान रहा।

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