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छत्तीसगढ़

नशे के खिलाफ लोगों को जागरुक करने में जुटा बालक, शराब के नशे के कारण पहले ही उजड़ चुका है बालक का परिवार,किताब लिखकर लोगों को बता रहा शराब के नुकसान

छत्तीसगढ़ में शराबबंदी को लेकर भाजपा चारों तरफ हायतौबा मचा रखी है। समय समय पर प्रदर्शन कर पार्टी के नेता सरकार को आईना दिखाने में लगी हुई है,बावजूद इसके शराबबंदी को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। इस बीच शराब के सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए जांजगीर जिले के ग्राम रसौटा में रहने वाले एक बालक ने पूरी किताब लिख डाला है। शराब के कारण इस बालक का परिवार पूरी तरह से बिखर गया यही वजह है,कि इसने लोगों को शराब के बुरी लत से बचाने कोशिश कर रहा है।

जांजगीर जिले के ग्राम रसौटा में रहने वाला अजय निर्मलकर बचपन से ही दुःख झेलता आ रहा है। शराब के कारण इसका परिवार काफी पहले ही उजड़ गया। पिता की मौत होने के कारण इसके और इसके भाईयों को नाना नानी का सहारा मिला। नाना नानी ने जैसे तैसे अजय व उसके परिवार को संभाला और पाल पोसकर बड़ा। समझदार होने के बाद अजय खुद घर की जिम्मेदारी संभालते हुए लोगों को नशे के खिलाफ जागरुक करने का बीड़ा उठाया है। शराब के कारण इसके परिवार के साथ जो हुआ वह किसी दूसरे के साथ न हो इसलिए उसने एक किताब तक लिख डाली है ताकी लोग इसे पढ़े और शराब से दूर हो सके।

अजय का मानना है,कि इस किताब को पढ़कर अगर एक भी व्यक्ति शराब को छोड़ता है,तो वह समझेगा,कि उसका प्रयास सफल हो गया। अजय का कहना है,शराब का सेवन किसी भी सूरत में सही नहीं है लिहाजा लोग इसका त्याग कर अपने व अपने परिवार के भविष्य को उज्जवल बनाने की दिशा में कार्य करे।

 

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