छत्तीसगढ़

एक साथ हुआ 5 शवों का अंतिम संस्कार, सभी के आंखों से छलके आंसू

खैरागढ़। खैरागढ़ के लोगों पर शुक्रवार का सूरज दुखों का पहाड़ लेकर उगा। कोचर परिवार के पांच सदस्यों की मौत की खबर जिसने भी सुनी वह अवाक रह गया। आंखों से आंसू छलक गए। सुबह से ही गुलजार रहने वाले गोलबाजार में अजीब सी खामोशी छाई थी। दोपहर बाद करीब चार बजे जब घर से पांच अर्थियां एक साथ निकलीं तो हर आंखों से आंसू छलक गए। जिसने भी उस दृश्य को देखा उसका दिल बैठ गया। 6 बेटियों के पिता सुभाष कोचर अपनी पत्नी कांति देवी, बेटियों भावना, वृद्धि और पूजा के साथ एक बेटी के ससुराल बालोद गए थे। शादी में शामिल होने की खुशियां थीं, लेकिन घर लौटते समय सारी खुशियां मातम में बदल गईं।

सुभाष कोचर ने छोटी सी साइकिल की दुकान से अपने कारोबार की शुरुआत की थी। लक्ष्मी के रूप में पहली बेटी ने जन्म लिया। धीरे-धीरे कारोबार बढ़ने लगा। 6 बेटियों के पिता के लिए सच में एक-एक बेटी लक्ष्मी का रूप थी, क्योंकि छोटी सी साइकिल मेंटेनेंस की दुकान बड़े शोरूम में बदल गई थी। उन्होंने तीन बेटियों की शादी कर दी थी, जबकि तीन अन्य बेटियों की शादी होनी बाकी थी। अपने समाज ही नहीं, बाकी लोगों के बीच भी सुभाष कोचर अपने स्वभाव के कारण घुले-मिले थे। यही वजह है कि खैरागढ़ की अधिकांश दुकानें स्वस्फूर्त दुकानें बंद रहीं।

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