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छत्तीसगढ़

पारिवारिक समस्या तथा अन्य व्यक्ति से कर्ज लेेने के कारण अपहरण की झूठी व मनगढ़ंत कहानी बनाकर पैसे की मांग करने वाला तथाकथित अपहृत व्यक्ति गिरफ्तार

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थिया दिनांक 05.07.2022 के सायं अपने देवर के साथ थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि पति महेन्द्र शर्मार उम्र 31 वर्ष निवासी जिल्गा बरपाली थाना ष्यांग जिला कोरबा हाल मुकाम न्यू चंदनियापारा जांजगीर वार्ड नं. 07 जांजगीर दिन में 11.00 बजे घर से दुध लेने दुकान जाने निकले थे जो घर नहीं आया है। जिस पर गुमसुदगी का मामला दर्ज कर पुलिस द्वारा प्रार्थिया के गुमशुदा पति का तलाश कार्यवाही किया जा रहा था। इसी दौरान प्रार्थिया अपने पति को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा दुराशय पूर्वक अपहरण कर गुप्त स्थान पर आपराधिक आशय से रखना बताई जिस पर अपराध क्रमांक 451/22 धारा 365 भादवि अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध दर्ज किया गया।
             मामले की गंभीरता को देखते हुए अपहृत महेन्द्र शर्मा की तलाश हेतु अलग-अलग 04 टीम गठित कर आवश्यक निर्देश दिये। अपहृत का बिलासपुर-रायपुर क्षेत्र में देखे जाने की सूचना प्राप्त होने पर डीएसपी श्री चंद्रशेखर परमा के नेतृत्व में थाना प्रभारी मुलमुला कृष्ण कुमार मोहले, थाना प्रभारी अकलतरा लखेश केंवट, थाना प्रभारी जांजगीर उमेश साहू एवं थाना प्रभारी चांपा मनीष परिहार को रवाना किया गया। साथ ही बिलासपुर/रायपुर/दुर्ग पुलिस से भी अपहृत महेन्द्र शर्मा के संबंध में जानकारी देकर सहायता ली गई। सभी टीमों द्वारा रायपुर-बिलासपुर के मध्य सभी संभावित स्थलों पर नाकेबंदी कर सघनता से अपहृता की पता-तलाश की गई। तथाकथित अपहृत महेन्द्र शर्मा बीच-बीच में अपनी पत्नि के मोबाईल पर बात कर उसे चार-पांच लोगों द्वारा जांजगीर से मारपीट कर अपहरण करना एवं 230000/-रू. की मांग करना तथा शीघ्र पैसे उपलब्ध कराने हेतु फोन पर बोलता रहा बात करने के बाद अपहृत का मोबाईल बंद हो जाता था। इस दौरान टीम द्वारा संभावित स्थलों के सीसीटीव्ही कैमरे के फुटेज एवं टोल प्लाजा में भी टीम द्वारा आने-जाने वाले व्यक्तियों को को भी चेक किया गया। रायपुर के टाटीबंध में तथाकथित अपहृत महेन्द्र शर्मा के होने की जानकारी मिलने पर रायपुर पुलिस की धरसिंवा एवं अन्य थाने की टीम तलाश में जुटी थी। महेन्द्र शर्मा की तलाश का तमाम प्रयासों के बावजूद पुलिस को सफलता नहीं मिल पा रही थी। इसी बीच अपहृत के बिलासपुर में होने की जानकारी मिलने पर दिनांक 06.07.2022 को सभी टीम हरकत में आकर बिलासपुर के सभी संभावित जगहों पर नाकेबंदी की गई। इसी बीच अपहृत के सीपत चौक सरकण्डा तरफ जाने की जानकारी मिलने पर सीपत चौक पुल के पास नाकेबंदी टीम द्वारा अपहृत महेन्द्र शर्मा को सकुशल बरामद करने में सफलता प्राप्त की गई।
          महेन्द्र शर्मा से मनोवैज्ञानिक तरीके से एवं सघनता से पूछताछ करने पर स्वयं द्वारा पारिवारिक परेशानियों के कारण तथा कर्ज से परेशान होने के कारण दिनांक 05.07.2022 को अपनी मोटर सायकल होण्डा यूनीकार्न क्रमांक ओडी 15 एल 7103 से रायगढ़ जाना तथा रायगढ़ से बिलासपुर आकर स्वयं का चार-पांच लोगों द्वारा अपहरण कर मारपीट करने एवं छोड़ने हेतु 230000/-रू. की मांग करने की झूठी व मनगढ़त कहानी बनाकर पत्नि को डराकर उससे रकम प्राप्त करने की योजना बनाना बताया। विवेचना दौरान आरोपी से घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल , एटीएम, मोबाईल आदि मेमोरण्डम कथन के आधार पर जप्त किया गया है। मामले में आरोपी का कृत्य धारा 365, 193,194, 420,384 भादवि के अधीन महेन्द्र शर्मा को विधिवत् गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया जाता है।
       सम्पूर्ण कार्यवाही में अनु0अधिकारी पुलिस जांजगीर श्री चन्द्रशेखर परमा के नेतृत्व में थाना प्रभारी अकलतरा श्री लखेस केंवट, थाना प्रभारी मुलमुला श्री कृश्ण कुमार मोहले, थाना प्रभारी चांपा श्री मनीश सिंह परिहार, थाना प्रभारी जांजगीर श्री उमेष कुमार साहू , उप निरी0 अवनीष श्रीवास सह विवेचक सउनि भरत राठौर, प्र0आर0 मोहन साहू सायबर सेल प्रभारी श्री सनत मात्रे सहित बिलासपुर, रायपुर एवं दुर्ग की तीनों क्राईम ब्रांच टीम का सराहनीय योगदान रहा ।

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