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धमाकों से दहली अफगानिस्तान की राजधानी काबुल, स्कूल के पास हुआ ब्लास्ट, 25 छात्रों की..

अफगानिस्तान (Afghanistan) की राजधानी काबुल एक बार फिर धमाकों से दहल उठी है. सूत्रों ने बताया है कि राजधानी काबुल (Kabul) के पश्चिमी हिस्से में एक स्कूल के पास तीन जबरदस्त धमाके (Blast in Kabul) हुए हैं. बताया गया है कि पहला धमाका मुमताज एजुकेशनल सेंटर के पास हुआ, जबकि दूसरा अब्दुल रहीम शहीद हाई स्कूल के सामने हुआ. धमाके के दौरान छात्र स्कूल से बाहर निकल रहे थे. घटना के दौरान मौजूद एक टीचर ने बताया, धमाकों में 25 छात्रों की मौत हुई है और घटना के वक्त छात्र घर जाने के लिए बाहर निकल रहे थे. ये धमाका राजधानी के दस्त-बार्ची इलाके में हुआ है.

वहीं, एक अन्य टीचर ने बताया कि पहला धमाका स्कूल को निशाना बनाकर किया गया. उस समय छात्र बस स्कूल से बाहर निकल ही रहे थे. इस हमले में 20 से 25 छात्रों की मौत हुई. वहीं, धमाके के बाद जब घायलों को ले जाया जा रहा था, तभी दूसरा धमाका हुआ. इस हमले में दर्जनों लोग घायल भी हुए हैं. अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है, इस हमले की जिम्मेदारी किसने ली है. आमतौर पर अफगानिस्तान में होने वाले धमाकों की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (Islamic State) लेता आया है.

इस्लामिक स्टेट पर हमले का शक

तालिबान की अफगानिस्तान में वापसी के बाद से ही इस्लामिक स्टेट एक्टिव हो गया है. आतंकी संगठन अधिकतर देश की शिया आबादी को निशाना बनाता रहा है. शिया मुस्लिमों की मस्जिदों पर हमला किया जाता है. हालांकि, तालिबान का कहना है कि उसकी सरकार ने देश में आतंकी हमलों को रोकने पर मजबूती से काम किया है. इस वजह से अब देश में आतंकी घटनाएं कम हो रही हैं. लेकिन अफगानिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में गाहे-बेगाहे आतंकी हमले होते रहे हैं. इस्लामिक स्टेट अफगानिस्तान में ‘इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान प्राविंस’ के नाम से एक्टिव है. ये तालिबान को भी निशाना बनाता रहा है.

पहले भी हुए हैं आतंकी हमले

इससे पहले, अप्रैल की शुरुआत में काबुल में स्थित सबसे बड़ी मस्जिद में दोपहर की नमाज के दौरान फेंका गया हथगोला फटने से कम से कम छह लोग घायल हो गए. पुलिस के एक प्रवक्ता ने इसकी जानकारी दी थी. पुराने काबुल शहर के मध्य में स्थित अठारहवीं सदी की पुल-ए-खिश्ती मस्जिद पर ये हमला किया गया था. काबुल पुलिस के प्रवक्ता खालिद जरदान ने कहा कि तालिबान ने एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया था. चार अप्रैल को हुए इस हमले से पहले भी इसी इलाके में एक और ग्रेनेड हमला किया गया था. इन हमलों की जिम्मेदारी किसी ने भी नहीं ली थी. एक बाजार में हुए ग्रेनेड हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि 59 अन्य घायल हो गए थे.

 

ग्रेनेड हमले के बाद काबुल के आपातकालीन अस्पताल ने एक ट्वीट में कहा था कि अस्पताल में एक शव लाया गया है और 59 लोगों का इलाज किया गया, जिनमें से 30 घायलों को बेहतर इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. हालांकि, अस्पताल ने घायलों को आई चोटों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी. तालिबान की काबुल पुलिस के एक प्रवक्ता खालिद जादरान ने कहा था कि विस्फोट एक संभावित चोर द्वारा फेंके गए हथगोले के कारण हुआ, जो इलाके में मुद्रा बदलने वालों को लूटना चाहता था. उन्होंने बताया कि 10 लोग घायल हुए.

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