छत्तीसगढ़

बी.पी.एल. एवं ए.पी.एल. राशन कार्डधारी परिवारों को मिलेगा मुफ्त ईलाज, 1 अगस्त से 15 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

जांजगीर-चांपा 09 अगस्त 2022/ जिले के समस्त नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में अमृत महोत्सव के दौरान आयुष्मान-भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, डॉ0 खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत जिले में 1 अगस्त 2022 से 15 अक्टूबर 2022 तक ”आपके द्वारा आयुष्मान“ अभियान के तृतीय चरण का शुभारंभ किया गया।
      ”आपके द्वारा आयुष्मान“ अभियान अंतर्गत जिलेे के शेष पात्र समस्त ए.पी.एल. एवं बी.पी.एल. राशन कार्डधारी परिवारों का आयुष्मान कार्ड (ई-कार्ड) बनवाने की अति आवश्यकता हैं। जिससे कि उन परिवार अथवा परिवार के सदस्यों को अपने राशन कार्ड के अनुसार स्वास्थ्य सहायता की पात्रता की जानकारी भली भांति हो सके एवं आपात स्थिति में परिवार या सदस्य, स्वयं आसानी से निर्णय ले सकें कि उन्हें किस श्रेणी के पंजीकृत अस्पताल (शासकीय/निजी) में ईलाज प्राप्त करना हैं, साथ ही उन्हें ईलाज में होने वाले आर्थिक व्यय का भय भी ना हो।
      उपरोक्त उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए जिला जॉजगीर चांपा में ई-कार्ड (आयुष्मान कार्ड) बनवाने हेतु जिले के समस्त 54 शासकीय एवं 19 निजी चिकित्सालयों एवं कॉमन च्वाइस सेंटरों में आने वाले समस्त मरीजों/हितग्राहियों एवं उनके परिवार के सदस्यों का भी योजनांतर्गत ई-कार्ड (आयुष्मान कार्ड) निःशुल्क बनाकर प्रदाय किया जा रहा हैं। आयुष्मान आपके द्वार के तृतीय चरण में हितग्राही जिनका आयुष्मान कार्ड नही बना है वे स्वत- हि अपना आयुष्मान कार्ड बना सकते है इसके लिए हितग्राही को setu.pmjay.gov.in वेबसाइट में जाकर सेल्फ रजिस्ट्रेशन कर पात्रता की जांच करते हुए अपना कार्ड बना सकते है। “जब भी अस्पताल जाएं, राशनकार्ड एवं आधार कार्ड लाना अनिवार्य है।
पात्रता:
      एसईसीसी सूची में शामिल परिवार, अन्त्योदय एवं प्राथमिकता राशन कार्ड धारी परिवारों को 5 लाख रुपये/परिवार एवं शेष अन्य राशन कार्ड धारी परिवारों को 50 हजार/परिवार प्रति वर्ष मिलेगा। ई-कार्ड (आयुष्मान कार्ड) बनवाने हेतु मरीज/हितग्राही केवल अपना आधार कार्ड एवं राशन कार्ड ले जाना अनिवार्य हैं। परिवार के समस्त सदस्यों का ई-कार्ड (आयुष्मान कार्ड) अलग-अलग बनाकर दिया जा रहा हैं। कार्ड निःशुल्क बनवाकर योजना का लाभ शासकीय एवं समस्त पंजीकृत निजी चिकित्सालय में ले सकते हैं।

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