छत्तीसगढ़

गर्मी का चढ़ा पारा, इन जिलों में लू चलने की आशंका

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्से में मौसम विभाग ने बुधवार को लू चलने की आशंका जताई है। मंगलवार को जो हालात थे, उसके आधार पर मौसम केंद्र ने कहा है कि बुधवार को सरगुजा संभाग, बिलासपुर संभाग और दुर्ग संभाग के उत्तरी भाग में (राजनांदगांव, दुर्ग, कबीरधाम और बेमेतरा) स्थित जिलों में ग्रीष्म लहर चल सकता है । राजधानी में आज का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। तेज गर्मी के बाद स्थानीय प्रभाव से एक-दो हिस्सों में धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ छींटें पड़ सकती है। इसके लिए राज्य सरकार ने एडवाइजरी जारी की है।

गर्मियों में आमतौर पर पेट से संबंधित अनेक रोग जैसे उल्टी, दस्त, पेचिश, डायरिया, अपचन, खट्टी डकार, एसिडिटी यानि गैस, कब्जियत, मिचली, पीलिया और टायफाइड, होने की संभावना रहती है। इन रोगों का प्रमुख कारण बाजार और खुले में बिकने वाले दूषित पेय एवं खाद्य पदार्थ हैं इसलिए इन पदार्थों के सेवन में परहेज व सावधानी बरतनी चाहिए। शासकीय आयुर्वेद कॉलेज, रायपुर के सह-प्राध्यापक डॉ. संजय शुक्ला ने बताया कि सामान्यतः लोग इस मौसम में बाजार में बिकने वाले गन्ना या अन्य फलों के रस, लस्सी, कुल्फी, नीबू की शिकंजी आदि का सेवन करते हैं। इन पेय पदार्थों में बर्फ मिला होता है लेकिन कभी-कभी दूषित जल और सावधानियां नहीं बरतने तथा फलों के सड़े-गले होने के कारण पेट से संबंधित अनेक रोग पैदा हो सकते हैं। इन रोगों का मुख्य कारण खानपान ही है, इसलिए लोगों को गर्मियों के दौरान खानपान में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। जनसामान्य को बाजार के खाद्य पदार्थों के सेवन से पहले साफ-सफाई और वस्तुओं की गुणवत्ता जरूर सुनिश्चित करनी चाहिए। चूंकि गर्मियों में पाचन शक्ति कमजोर होती है इसलिए गरिष्ठ और मसालेदार भोजन खाने से बचना चाहिए इसके अलावा घर में भी बासी भोजन या अन्य खाद्य पदार्थों का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इस मौसम में तेज गर्मी के कारण भोजन जल्दी खराब हो जाते हैं।

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