Downlod GS24NEWS APP
छत्तीसगढ़

CG में ट्रेनें नहीं तो कोयला नहीं:PCC चीफ ने घेरा DRM ऑफिस, कहा- ट्रेनें बहाल नहीं की तो कोयले की सप्लाई रोक देंगे

रेलवे ने छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 23 यात्री ट्रेनों को एक महीने के लिए रद्द कर दिया है। इस रेलबंदी से प्रदेश की राजनीति भड़क गई है। मंगलवार को कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम की अगुवाई में DRM कार्यालय का घेराव कर दिया। प्रदेश अध्यक्ष ने डीआरएम को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि यदि यात्री ट्रेनों को बहाल नहीं किया गया तो कांग्रेस यहां से कोयला लेकर जाने वाली मालगाड़ियों को रोकेगी और देश में कोयले की सप्लाई ठप कर देगी। उधर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेल मंत्री से भी इस बारे में फोन पर बात की।

कांग्रेस ने कल ही ट्रेनें रद्द करने के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की थी। मंगलवार दोपहर पीसीसी चीफ मोहन मरकाम, कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ डीआरएम ऑफिस पहुंचे। पहले इन लोगों ने ऑफिस के सामने धरना दिया और नारेबाजी की। इसके बाद डीआरएम को ज्ञापन सौंपकर ट्रेनें तुरंत बहाल करने की मांग की।

मीडिया से बात करते हुए मोहन मरकाम ने कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के लोगों को परेशान करने के लिए ऐसा कर रही है। सरकार ने बिजली और कोयले की कृत्रिम कमी बनाई है और अब यहां से कोयला की सप्लाई तेज करने के लिए 23 यात्री ट्रेनों को बंद कर दिया है। ऐसा हम नहीं होने देंगे। यदि केंद्र सरकार ने इन ट्रेनों को फिर से नहीं चलाया तो हम यहां से बिजली और कोयले की सप्लाई रोक देंगे।

मुख्यमंत्री ने की रेल मंत्री से बात

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रेलवे के इस निर्णय का विरोध कर चुके हैं। उन्होंने कहा, रेलवे को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। एक दिन पहले उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर रेल मंत्री से भी बात करेंगे। इसके बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेल मंत्री अश्वनी कुमार से फोन पर बात की और जनहित में सभी 23 ट्रेनों को फिर से यथावत चलाने की मांग की। रेल मंत्री ने इस मांग पर निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर रेलगाड़ियों को बंद करने पर आपत्ति जताई है।

Related Articles

Back to top button