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छत्तीसगढ़

नियमों की अनदेखी:बीच सड़क बिना संकेतक मिट्टी का ढेर, दर्री डैम पुल पर वैकल्पिक मार्ग का रूट चार्ट तक नहीं

दर्री डैम पर ध्यानचंद चाैक से दूसरे पुल के दूसरे छाेर तक नए सिरे से सड़क बनाया जा रहा है। निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी के निगरानी में चल रहे निर्माण कार्य के लिए डैम के पुल पर सभी तरह के वाहन के लिए नाे एंट्री लगाया गया है। वहीं शहर से दर्री की ओर हाेते हुए आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग गेरवाघाट बाइपास काे तय किया गया है। हालांकि नाे एंट्री लगने के बाद भी शार्टकट के चक्कर में वाहनाें की आवाजाही पुल के ऊपर से हाे रही थी।

इस कारण निर्माण कार्य में व्यवधान हाेने पर वाहनाें की आवाजाही पूरी तरह राेकने के लिए फाेरलेन की ओर मिट्टी के ऊंचे ढेर डाल दिए गए। मेजर ध्यानचंद चाैक से करीब 100 मीटर दूर काेरबा जाने वाले मार्ग पर भवानी मंदिर मार्ग के पास भी रूट डाइवर्ट करने के लिए मिट्टी का ढेर लगाया गया।

मंगलवार काे उक्त मिट्टी के ढेर के चक्कर में ही कार के नहर में गिरने से एक युवक की माैत हुई। जिस जगह घटना हुई वहां मंगलवार की दाेपहर स्टाॅपर लगाते हुए परिवर्तित मार्ग का संकेतक बाेर्ड लगाया गया। पर बालकाे छाेर की ओर मेजर ध्यानचंद के प्रतिमा के पास किसी तरह का संकेतक नहीं लगाया गया। लगता है अधिकारियाें काे अभी और हादसे का इंतजार है। इस संबंध में जब पीडब्ल्यूडी के ईई एके वर्मा से संपर्क किया जाता है ताे उनका माेबाइल रिसीव नहीं हाेता है।

संकेतक ऐसे लगे जाे दूर से आए नजर
ट्रैफिक डीएसपी शिवचरण सिंह परिहार के मुताबिक सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी नियमाें का पालन करना जरूरी है। निर्माण कार्य के दाैरान अवराेधक व मार्ग परिवर्तन के लिए ऐसे संकेतक लगने चाहिए जाे दूर से नजर आए। इसके लिए जरूरी है कि रेडियम पट्टी से बने संकेतक लगे हाे। प्रशासन के आदेश पर दर्री डैम पुल पर निर्माण स्थल पर प्रर्याप्त स्टापर मुहैय्या कराया गया है। मंगलवार काे हुए हादसे के बाद संबंधित ठेकेदार काे सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने काे कहा गया है।

25 दिन की थी माेहलत निर्माण कार्य अब भी अधूरा
1 अप्रैल से दर्री डैम पुल पर सड़क निर्माण शुरू हुआ है। कलेक्टर रानू साहू ने निर्माण कार्य में बाधा न हाे इसके लिए पीडब्ल्यूडी की पत्र के आधार पर पुल पर वाहनाें की आवाजाही पर राेक लगा दी थी। लोगों को ज्यादा परेशानी न हाे इसलिए ठेकेदार काे 25 दिन की माेहलत दी गई थी। लेकिन 1 माह गुजर जाने के बाद भी आधे हिस्से में कार्य पूरा नहीं हाे सका है। निर्माण कार्य की गति से लग रहा है कि आगे 1 माह से ज्यादा समय लग जाएगा।

लोगों को वैकल्पिक मार्ग ढूंढने में हो रही मुश्किल
दर्री डेम के पुल पर एक छाेर से दूसरे छाेर की दूरी लगभग 1 किमी है। लेकिन पुल से आवाजाही बंद हाेने से इस दूरी काे तय करने के लिए 18 किमी का फेरा लगाना पड़ रहा है। जिनकाे वैकल्पिक मार्ग की जानकारी है उनके लिए ताे ठीक है लेकिन जाे नहीं जानते या बाहर से पहुंचते हैं उनकाे वैकल्पिक मार्ग ढूंढना मुश्किल हाेता है। क्याेंकि मेजर ध्यानचंद चाैक की ओर वैकल्पिक मार्ग का रूट चार्ट नहीं है, न ही राताखार की ओर काेई संकेतक लगा है।

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