छत्तीसगढ़

मजदूर की बेटी टॉपर:दूसरों से गाइड मांग कर की पढ़ाई

घर आर्थिक तंगी के बीच कड़ी मेहनत से पढ़ाई करने के बाद भी दीपाली को मेरिट सूची में आने की उम्मीद थी। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उसके पास एंड्रायड मोबाइल तक नहीं है, जिसके कारण वह ऑनलाइन पढ़ाई भी नहीं कर सकी। किताबें तो थी, लेकिन गाइड खरीदने के लिए पैसे नहीं होने के कारण उसने दूसरों से गाइड मांग कर पढ़ाई की।

शनिवार को रिजल्ट निकला तो उसे पता ही नहीं था। सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य लक्ष्मीकांत शर्मा व मीडिया के लोग उसके घर पहुंचे तो उसे मेरिट में आने की खुशी मिली। दीपाली के मेरिट में आने की सूचना मिली तो उसके परिवार के लोगों की आंखें नम हो गई और दीपाली को गले लगाकर शुभकामनाएं दी। घर की माली हालत खराब होने के बाद दीपाली ने प्रदेश में 97.33 प्रतिशत अंक के साथ 8वॉ स्थान प्राप्त किया है।सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक स्कूल नैला में कक्षा 10वीं मेें पढ़ने वाली छात्रा कु. दीपाली सूर्यवंशी के पिता लखन लाल सूर्यवंशी और मां शकुंतला सूर्यवंशी 8वीं तक पढ़ाई की है।

परपोती की सफलता से वृद्धा की छलकी आंखें

10 वीं बोर्ड परीक्षा में दीपाली के टॉप टेन की सूची में आने की जानकारी मिलते ही पूरा परिवार खुशी से झूम उठा, वहीं उसकी 95 साल की परदादी कैलाशा बाई की आंखें नम हो गई और उसे गले लगाकर मिठाई खिलाकर उसे शुभकामनाएं दी। वहीं मोहल्ले में मृतक कार्यक्रम में शामिल होने गए दीपाली के पिता लखन लाल सूर्यवंशी को बेटी के रिजल्ट की जानकारी मिली तो दौड़कर घर लौटे और बेटी का आशीर्वाद दिया।

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