छत्तीसगढ़

वन नेशन वन कार्ड में बाधा:14 पंचायतों में नेटवर्क नहीं, ऑफलाइन वितरण में 1600 ग्राहकों का फिंगर प्रिंट नहीं हो रहा मैच

जिले में भले वन नेशन वन कार्ड स्कीम लागू कर दी गई है । लेकिन नेटवर्किंग की समस्या से 14 पंचायतों में 9 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को अभी ऑफलाइन राशन का वितरण किया जा रहा है। दुकान संचालकों को इसे नेटवर्क में जाकर 24 घंटे के भीतर अपलोड करना पड़ता है। दूसरी ओर 1600 ऐसे उपभोक्ता हैं जिनका फिंगरप्रिंट मैच नहीं कर रहा है।

उन्हें नॉमिनी के आधार पर राशन दिया जा रहा है।जिले में 476 राशन दुकान संचालित हैं। जहां से 3 लाख 4 हजार 340 राशनकार्ड धारी उपभोक्ताओं को राशन दिया जाता है। पिछले महीने से सभी दुकानों में वन नेशन वन कार्ड स्कीम लागू कर दिया गया है।

जिसके तहत ई -पॉस मशीन से ही राशन का वितरण करने कहा गया है। इस स्कीम से राशनकार्ड धारी देश के किसी भी दुकान से राशन ले सकते हैं। लेकिन जिले में इसमें सबसे बड़ी बाधा नेटवर्क की समस्या है। 14 पंचायतों में नेटवर्क नहीं होने से मशीन भी काम नहीं करती। जिसकी वजह से दुकान संचालक ऑफलाइन राशन का वितरण तो कर देते हैं लेकिन बाद में नेटवर्क एरिया में जाकर अपलोड करना पड़ता है।

नियम शिथिल करने के बाद बढ़ती जा रही है उपभोक्ताओं की संख्या
बीपीएल सर्वे नहीं होने शासन ने प्राथमिकता वाले कार्ड बनाना शुरू किया है। जिसका लाभ बीपीएल तरह ही मिल रहा है। 5 एकड़ जमीन से कम और श्रम कार्ड बनने के बाद प्राथमिकता वाले कार्ड बन जाता है। इसी वजह से कार्डो की संख्या बढ़ रही है।

उपभोक्ता राशन से वंचित न हो जाएं इसलिए नियम में राहत: खाद्य अधिकारी

जिला खाद्य अधिकारी जेके सिंह का कहना है कि कोई भी उपभोक्ता राशन से वंचित ना हो इसका प्रयास किया जा रहा है। नेटवर्क की समस्या से प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। कनेक्टिविटी मिलने के बाद वहां भी मशीन से ही राशन वितरण कराया जाएगा।

यहां नेटवर्क की समस्या, इसलिए ऑफलाइन राशन वितरण

कोरबा ब्लाक में बड़गांव , अरसेना ,नकिया, श्यांग, डोकरमना, माखुरपानी, पाली ब्लॉक में पहाड़गांव सपलवा , बारी उमराव , जेमरा, रतखंडी और लाफा, पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक में अरसिया और लेमरू पंचायत हैं जहां मोबाइल में भी बात नहीं हो पाता है।

खाद्य विभाग ने सर्वे किया इसके बाद ही ऑफलाइन की अनुमति

खाद्य विभाग ने इन पंचायतों का सर्वे किया तो नेटवर्क की समस्या सामने आई है। इसकी सूचना शासन को भेजी गई है। पंचायतों में केबल नेटवर्क बढ़ाने के लिए बीएसएनएल काम कर रही थी, लेकिन अभी भी वनांचल के पंचायत इससे वंचित हैं।

बुजुर्गों और कुष्ठ पीड़ितों के फिंगर प्रिंट की आ रही समस्या

ई-पॉस मशीन में थंब लगाते ही मशीन में सदस्यों की सूची और राशन की मात्रा सामने आ जाती है। लेकिन 60 साल से ऊपर कई बुजुर्गों और कुष्ठ पीड़ितों के फिंगरप्रिंट मैच नहीं करते। जिसकी वजह से उन्हें परेशानी हो रही थी। शासन ने उपभोक्ताओं को नॉमिनी बनाकर राशन लेने की सुविधा दी है।

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