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असम में प्री-मानसून बारिश ने मचाया कहर, 7 की मौत और 2 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

देश के कई हिस्सों में लू का असर देखने को मिल रहा है। भीषण गर्मी से देश (India) के लोग बेहद परेशान हैं। उधर, असम में प्री-मानसून बारिश (pre-monsoon) ने कहर बरपा रखा है। असम में बाढ़ और भूस्खलन (Landslide) से 20 जिलों के करीब 2 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य का रेल संपर्क टूट गया है और वाहन पानी में तैरते नजर आ रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि कछार जिले में बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या दो और मौतों के साथ बढ़कर सात हो गई है। अब तक 24 जिलों में दो लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। मरने वालों की संख्या 7 हुई असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अधिकारियों ने कहा कि दक्षिण असम के कछार जिले में पिछले 24 घंटों में दो लोगों की मौत हुई है। जबकि इससे पहले दीमा हसाओ में 4 और लखीमपुर 1 जिले में व्यक्ति की मौत हुई है। कुल भूस्खलन में सात लोगों की मौत हो गई।

अधिकारियों के मुताबिक कछार जिले में बाढ़ और भूस्खलन से छह लोग लापता हैं। इस बीच कहा जा रहा है कि कछार जिले की विभिन्न नदियों में एक बच्चे और दो मध्यम आयु वर्ग के लोगों सहित चार लोग बह गए हैं। हालांकि, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एएसडीएमए बुलेटिन में कहा गया है कि 24 जिलों के 811 गांवों में 2,02,385 लोग प्रभावित हुए हैं। लगभग 6,540 घर आंशिक और पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं। 33,300 से अधिक लोगों ने 72 राहत शिविरों में शरण ली है। जबकि जिला प्रशासन ने 27 राहत वितरण केंद्र खोले हैं। यह इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित सबसे बुरी तरह प्रभावित जिलों में कछार, दीमा हसाओ, होजई, चराईदेव, दरंग, धेमाजी, डिब्रूगढ़, बजली, बक्सा, विश्वनाथ और लखीमपुर हैं। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के दीमा-हसाओ जिले के पहाड़ी क्षेत्र में हालात मंगलवार को भीषण बने रहे क्योंकि पहाड़ी इलाकों में बारिश जारी रही, जिससे लुमडिंग-बदरपुर सिंगल लाइन रेलवे लाइन प्रभावित हुई। आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़े असम में लुमडिंग-बदरपुर डिवीजन त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और असम के दक्षिणी हिस्से को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाली एकमात्र सड़क है। इस रेलवे लिंक के ठप होने से पिछले चार दिनों से आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं।

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