छत्तीसगढ़

अग्निपथ पर तीनों सेनाओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस :सेना की औसत उम्र 32 साल थी, इसे 26 पर लाना हमारा लक्ष्य था- लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी

केंद्र की अग्निपथ योजना के खिलाफ देश के कई हिस्सों में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद रक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। रविवार दोपहर तीनों सेना प्रमुखों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह सेना में बदलाव का प्रोसेस 1989 से चल रहा है। सेना की औसत उम्र 32 साल थी, इसे 26 पर लाना हमारा लक्ष्य था। लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने यह बात कही।

अनिल पुरी ने कहा- इस पर दो साल रिसर्च हुआ। तीनों सेना प्रमुख और CDS ने मिलकर दुनिया के सभी देशों की सेनाओं की औसत उम्र देखी गई। हमें सेना में यूथ चाहिए। हमें जुनून जज्बे के साथ होश की भी जरूरत है।

जिस दिन अग्निपथ की घोषणा हुई उस दिन दो ऐलान हुए पहला देश भर में साढ़े दस लाख नौकरियां और 46 हजार वेकेंसी सेना में अग्निवीर के रूप में, लेकिन लोगों तक केवल 46 हजार की बात ही पहुंची। उम्र में बदलाव कोरोना के कारण किए गए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी साउथ ब्लॉक में अग्निवीर भर्ती योजना के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान भारतीय सेना के एडजुटेंट जनरल लेफ्टिनेंट जनरल बंसी पोनप्पा, भारतीय नौसेना के प्रमुख वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और भारतीय वायु सेना के कार्मिक प्रभारी एयर मार्शल सूरज झा भी मौजूद थे।

दो दिन में लगातार दूसरी समीक्षा बैठक
इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के घर पर तीनों सेना प्रमुखों की बैठक हुई थी। इस मीटिंग में अग्निपथ योजना को लागू करने और आंदोलनकारियों को शांत करने के तरीकों पर चर्चा हुई थी। योजना को लेकर राजनाथ सिंह द्वारा दो दिनों में बुलाई गई यह दूसरी समीक्षा बैठक थी।

14 जून को हुई घोषणा के बाद से अब तक हुए बदलाव

  • CAPF और असम राइफल्स में अग्निवीरों के लिए 10% आरक्षण।
  • मौजूदा साल में अग्निवीर की आयु सीमा 21 से बढ़ाकर 23 कर दी गई है।
  • इंडियन कोस्ट गार्ड, डिफेंस सिविलियन पोस्ट के साथ डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग की 16 कंपनियों में भी नियुक्तियों में आरक्षण मिलेगा।
  • अग्निवीरों को रिटायरमेंट के बाद सस्ता लोन दिया जाएगा और सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी।

भाजपा शासित राज्यों में अग्निवीरों को दी गईं सौगात
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिहं चौहान ने अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में वरीयता देने की घोषणा की है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को कहा कि अग्निवीरों को पुलिस और आपदा प्रबंधन विभागों में नौकरी दी जाएगी।

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा कि आर्म फोर्सेस से चार साल बाद रिटायर होने पर अग्निवीरों को पुलिस विभाग में वरीयता दी जाएगी। कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने कहा कि सरकार ने अग्निवीरों को पुलिस विभाग की भर्ती में प्राथमिकता देने का फैसला किया है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अग्निवीरों को असम आरोग्य निधि पहल में प्राथमिकता देने की घोषणा की। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि अग्निपथ स्कीम के तहत सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को राज्य की सरकारी नौकरियों में वरीयता मिलेगी।

अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू ने कहा कि पुलिस और राज्य सरकार की सब्सिडी योजनाओं में अग्निवीरों को प्राथमिकता मिलेगी।

एयरफोर्स में अग्निवीरों की भर्ती की गाइडलाइन
इंडियन एयरफोर्स ने अग्निवीरों की भर्ती की गाइडलाइन जारी कर दी है। तीनों सेनाओं में सबसे पहले एयरफोर्स ने ही गाइडलाइन जारी की है। इसके अनुसार अग्निवीरों को अपनी चार साल की नौकरी पूरी करनी होगी। इससे पहले वह फोर्स नहीं छोड़ सकेंगे। ऐसा करने के लिए उन्हें अधिकारी की सहमति लेनी होगी

Related Articles

Back to top button