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छत्तीसगढ़

रेलवे की चाल धीमी:ढाई घंटे विलंब से चल रही मेमू लोकल ने 62 मिनट में तय की 15 किमी की दूरी

उरगा रेलवे स्टेशन से कोरबा की दूरी महज 15 किलोमीटर है। रायपुर से कोरबा के बीच रोजाना चलने वाली मेमू लोकल शुक्रवार को भी विलंब से पहुंची। यह गाड़ी को उरगा से कोरबा आने में 1 घंटे 2 मिनट लगे, जबकि यह गाड़ी उरगा स्टेशन में रात को 9.57 बजे अर्थात निर्धारित समय से 2.27 मिनट विलंब से पहुंची ‌थी।

इसके चलते कोरबा स्टेशन पहुंचते ही यह गाड़ी 3.29 मिनट लेट हो गई, क्योंकि इस गाड़ी के कोरबा पहुंचने का निर्धारित समय रात 7.30 बजे है। आए दिन इस गाड़ी के विलंब होने से यात्रियों ने स्टेशन में हंगामा किया, तब जाकर किसी तरह यह गाड़ी आगे बढ़ पाई थी। रोज की इस समस्या से दैनिक यात्री परेशान हो चले हैं। कोरबा की यात्री गाड़ियों को समय पर चलाने को लेकर अब रेलवे प्रशासन गंभीर नहीं है। पहले से ही बंद यात्री ट्रेनों से लोग परेशान हैं, ऊपर से जो चल रही हैं, उन्हें भी समय पर नहीं चलाया जा रहा है।

यह कोई एक ट्रेन की परेशानी नहीं है। वरन यहां से चलने वाली सभी ट्रेनों के साथ रेलवे का सौतेला व्यवहार बना हुआ है। यही कारण है कि दोपहर में यहां पहुंचने वाली लिंक एक्सप्रेस आए दिन डेढ़ से दो घंटे तो रात में पौने 10 बजे पहुंचने वाली हसदेव एक्सप्रेस आधी रात को पहुंच रही है। इसके लिए दैनिक रेल यात्रियों ने आए दिन कोरबा रेलवे स्टेशन में शिकायत करते हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं होती है। दूसरा कोई विकल्प नहीं होने से परेशानियों के बीच यात्रा करने लोग विवश हो रहे हैं। इस संबंध में क्षेत्रीय रेल प्रबंधक प्रभात कुमार का कहना है कि स्टेशन में ट्रैक खाली नहीं होने के कारण यात्री ट्रेन को उरगा में रोकना पड़ता है।

चांपा से कोरबा के बीच में होता है विलंब
यात्री ट्रेनों को कोरबा से चांपा रेलवे स्टेशन के बीच ही अक्सर विलंब किया जाता है, क्योंकि इस रूट पर सबसे अधिक दबाव मालगाड़ियों का रहता है। चांपा मुख्य रूट होने के कारण वहां से यात्री ट्रेनों को कोरबा के लिए रवाना तो कर दिया जाता है, लेकिन आगे आने वाले सभी स्टेशनों में खासकर सरगबुंदिया, उरगा में रोक दी जाती है।

कोच्चुवेली समेत अन्य ट्रेनें देर से पहुंच रही
शनिवार को कोरबा पहुंची कोच्चुवेली कोरबा सुपरफास्ट ट्रेन, जिसके यहां आने का निर्धारित समय सुबह 3 बजे है, जो यहां 1.34 घंटा विलंब से पहुंची। शुक्रवार को कोरबा आने वाली लिंक एक्सप्रेस डेढ़ घंटा, हसदेव एक्सप्रेस पौने दो घंटा देरी से पहुंची। हसदेव एक्सप्रेस को छोड़ लंबी दूरी की इन ट्रेनों के विलंब से चलने से यात्री काफी परेशान हुए।

ट्रैक खाली होने पर भी मालगाड़ी नहीं लेते
रेलवे स्टेशन कोरबा में रात के समय अक्सर 6 व 7 नंबर ट्रैक खाली रहता है। इसके बाद भी कोरबा स्टेशन के आउटर में मालगाड़ी को रोक रखते हैं। उसके पीछे मेमू लोकल होने के कारण उरगा में रोकना पड़ता है। इस संबंध में उरगा, सरगबुंदिया के यार्ड मास्टर की दलील होती है। कोरबा स्टेशन के खाली 6-7 नंबर ट्रैक पर मालगाड़ी नहीं लेना है, ऐसा निर्देश अफसरों की ओर से मिला हुआ है।

4.36 मिनट देर से आई थी लिंक एक्स.
गुरुवार को गाड़ी संख्या 18518 लिंक एक्सप्रेस चांपा रेलवे स्टेशन आते आते 1.36 घंटा लेट हो गई थी, लेकिन जब यह गाड़ी वहां से कोरबा के लिए रवाना हुई तो यहां पहुंचते- पहुंचते 4.36 घंटे लेट हो गई। इस गाड़ी के कोरबा पहुंचने का समय दोपहर 12.15 बजे का है, जबकि कोरबा से उसी दिन वापसी शाम 4.10 बजे होती है।

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