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राजस्व एवं कृषि विभाग ने बीज उत्पादक सहकारी समिति में की जांच मिला 21.35 हेक्टेयर फर्जी पंजीयन

*राजस्व एवं कृषि विभाग ने बीज उत्पादक सहकारी समिति में की जांच मिला 21.35 हेक्टेयर फर्जी पंजीयन*

*7.65 हेक्टेयर सुगंधित धान का रकबा नहीं है गिरदावरी में इंद्राज*

@⁨Siddhartha Sharma⁩ खरसिया

खरसिया क्षेत्र के किसानों द्वारा बीज उत्पादन संस्था में 103 हेक्टेयर रकबा पंजीकृत कराया गया है, परंतु गिरदावरी में यह रकबा 28 हेक्टेयर दर्ज है, 75 हेक्टेयर रकबे के फर्क को देखते हुए, आज कर्मा बहुउद्देश्यीय सहकारी समिति तिऊर के पंजीकृत बीज उत्पादक सहकारी समिति में पंजीकृत कृषकों का सत्यापन वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नृपराज डनसेना, बीज प्रमाणीकरण अधिकारी प्रीतम बघेल, पटवारी पितांबर जायसवाल एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी इंदु पटेल के संयुक्त दल के द्वारा निरीक्षण किया गया कर्मा बहुउद्देश्यीय सहकारी समिति तिऊर में पंजीकृत बीज उत्पादक सहकारी समिति में पंजीकृत 21.35 हेक्टेयर का फर्जी पंजीयन पाया गया जिसकी कृषकों द्वारा पंजियन अनुसार बोनी नहीं की गई है, एवं 7.65 हेक्टेयर सुगंधित धान का रकबा ऐसा पाया गया जिसका जानकारी छुपा कर गिरदावरी में इंद्राज नही कराया गया था।
वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी नृपराज डनसेना ने इस संबंध में बताया कि किसानों द्वारा सुगंधित धान उत्पादन हेतु बीज उत्पादन कार्यक्रम अंतर्गत अपना पंजीयन करवाया जाता है जिसका गिरदावरी में सुगंधित धान के रूप में इंद्राज किया जाता है उक्त किसानों का सुगंधित धान बीज उत्पादन केंद्रों द्वारा सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य में खरीदा जाता है, साथ ही अन्य फसलों का उत्पादन करने के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है परंतु खरसिया क्षेत्र के 14 ग्रामो में 103 हेक्टेयर रकबा का पंजीयन किसानों द्वारा करवाया गया है हमारे द्वारा जांच किए जाने पर गिरदावरी में सिर्फ 28 हेक्टेयर रकबा दर्ज है 75 हेक्टेयर का फर्क आ रहा था संपूर्ण खरसिया क्षेत्र के पंजीकृत रखने की जांच की जाने पर इसके और बढ़ने की संभावना है इस 75 हेक्टेयर रकबे के किसानों द्वारा शासन से दोहरा लाभ लेने एवं शासन को वित्तीय हानि पहुंचाने की संभावना को देखते हुए आज हमारे द्वारा कर्मा बहुउद्देश्यीय सहकारी समिति तिऊर में पंजीकृत बीज उत्पादक सहकारी समिति में पंजीकृत 21.35 हेक्टेयर का फर्जी पंजीयन पाया गया जिसका कृषकों द्वारा पंजियन अनुसार बोनी नहीं की गई है, एवं 7.65 हेक्टेयर सुगंधित धान का रकबा ऐसा पाया गया जिसकी जानकारी छुपा कर गिरदावरी में इंद्राज नही की गई है जांच उपरांत बीज प्रमाणीकरण अधिकारी प्रीतम बघेल द्वारा 21.35 हेक्टेयर का फर्जी पंजीयन निरस्त कर दिया गया है एवं 7.65 हेक्टेयर सुगंधित धान के रकबे का पटवारी पितांबर जायसवाल द्वारा गिरदावरी में इंद्राज कर दिया गया है।

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