Downlod GS24NEWS APP
छत्तीसगढ़

वीडियो: स्वामी आत्मानंद की प्राचार्य के ऊपर लगा आरोप, देखिए क्या कहा प्राचार्य ने

जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनींडीह स्वामी आत्मानंद स्कूल की प्राचार्य के नाम से एक ऑडियो वायरल हो रही है जिस आडियो प्रति श्वेता शुक्ला द्वारा गहरा दुख व्यक्त किया गया है वहीं उन्होंने एक अच्छे कार्य करने वाले लोगों को इस तरीके की गलत ढंग से तोड़ मरोड़ कर या वीडियो एडिटिंग कर उनको बदनाम करने की कोशिश की जा रही है जो पूर्ण रूप से गलत है वही श्वेता तिवारी का कहना है कि यह जो ऑडियो वायरल हो रही है उनसे मेरा किसी भी प्रकार का कोई लेना देना नहीं है मैं अपने गरिमा स्वयं से जानती हूं वही मेरे द्वारा आत्मानंद स्कूल एक प्रोफेशन नहीं मैं उसको अंतर आत्मा के साथ संचालित करती हूं यदि किसी व्यक्ति द्वारा कोई काम अंतरात्मा के साथ किया जा रहा है और उसको किसी के द्वारा चोट पहुंचाने के काम किया जाता है तो उससे उनके मन पर बहुत तकलीफ होती है और इस तरीके की ऑडियो से वह बहुत ही आहत है वही स्वेता शुक्ला ने कहा कि बम्हनींडीह मे स्कूल आत्मानंद संचालित है जिससे मेरे द्वारा बहुत अच्छे ढंग से संचालित की जा रही हैं वहीं आत्मानंद स्कूल के नाम अपने जिले प्रदेश स्तर पर बहुत अच्छे से प्रदर्शित रहे इसके लिए वह बहुत कड़ी मेहनत करती हैं अगर उसको इस तरीके से कोई गलत आडियो वायरल करके उनके नाम को बदनाम करना चाह रहे हैं वह बहुत ही गलत है और इस तरह की ऑडियो वायरल होने से उनको बहुत ही आहत पहुंची हुईं हैं

 

आज के शिक्षित समाज के वर्ग के लोगों को यह समझना होगा कि गुरु की दर्जा प्राप्त करने वाले शिक्षकों के ऊपर इस तरीके की टिप्पणी अशोक बनी है और किसी को बदनाम करने की साजिश समाज के प्रतिष्ठा को बदनाम करने वाली होती है आज हमारे बीच इतने पढ़े लिखे युवा पीढ़ी और बहुत कई गुरुजन जिनकी शिक्षा से कितने बच्चे आज देश के भविष्य बन चुके हैं आज उन शिक्षकों के ऊपर इस तरीके की कोई अभद्र रूप से टिप्पणी व एडिट किया हुआ वीडियो वायरल करता है तो यह बड़ी विडंबना की बात है आज हम सभी शिक्षक समाज के लोगों को यह समझना होगा कि शिक्षक के एक गुरु के समान होती है उनके ऊपर किसी भी प्रकार का लांछन लगाना या उसके बारे में गलत कहना जब तक किसी भी तथ्य की पुष्टि नहीं होती है तब तक किसी के ऊपर दोषारोपण गलत तरीके से नहीं लगाना चाहिए या आज हम को समझना होगा

 

कुछ नासमझ असामाजिक तत्वों के लोगों द्वारा इस तरीके की घटना को अंजाम दिया जाता है लेकिन वह यह नहीं जानते कि गुरु एक माता-पिता से बढ़कर होती हैं जो अपने सच्चे मन से शिशु को शिक्षा देते हैं वह कभी भेदभाव कोर कपट बच्चों के साथ नहीं करते सामान्य रूप से शिक्षा लगातार देते रहते हैं आज उन्हीं की शिक्षा ग्रहण कर कितने लोग अपने प्रतिष्ठा मान सम्मान के लिए काबिल हो जाते हैं और आज उन्हीं ग्रुप क्यों जिस तरीके से लज्जित करने की कोशिश की जा रही है यह बहुत ही अशोभनीय है और बहुत ही पीड़ा दाई है

 

Related Articles

Back to top button