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छत्तीसगढ़

बिलासपुर के सेंट्रल जेल में फिर से बंदी की मौत:चार दिन पहले हुआ था गिरफ्तार; भाई बोला-पीट-पीटकर की गई है हत्या

बिलासपुर के केंद्रीय जेल में महज पांच दिन के भीतर दूसरे विचाराधीन बंदी की मौत हो गई है। रेलवे पुलिस ने चोरी के आरोप में युवक को चार दिन पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसे 16 मई को ही गंभीर हालत में इलाज के लिए सिम्स में भर्ती कराया गया था। बुधवार की देर शाम उसकी मौत हो गई। इधर, मृतक के भाई ने पीट-पीटकर उसकी हत्या करने का आरोप लगाया है।

तीन दिन पहले जेल में पचपेड़ी क्षेत्र के बंदी छोटेलाल यादव की मौत का मामला अभी थमा नहीं है। उसके परिजन आबकारी विभाग की टीम पर उसकी हत्या करने के आरोप लगा चुके हैं। इधर, जेल में फिर से एक बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम सेंदरी निवासी विदेशी राम केवट (31 साल) जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा स्थित बोकरामुड़ा चारपारा में पत्नी व बच्चों के साथ रहता था। कुछ समय पहले ही वह अकेले बिलासपुर आकर मजदूरी करने लगा था। बीते 14 मई को उसे रेलवे पुलिस ने चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बताया जा रहा है कि दो दिन बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ी, तब उसे 16 मई को गंभीर हालत में सिम्स में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान बुधवार की शाम करीब 7 बजे उसकी मौत हो गई

जेल अधीक्षक बोले- जेल आने से पहले ही काटा था कुत्ता
जेल अधीक्षक एसके तिग्गा का कहना है कि विचाराधीन बंदी विदेशीराम केवट जब जेल आया था। उसके पहले ही उसे कुत्ते ने काटा था। उसके बताने पर जेल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। वह आदतन नशेड़ी भी था। उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे सिम्स रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

भाई बोला- पीट-पीटकर की गई है हत्या, भाई को न्याय मिले
भाई की जेल में मौत होने के बाद उसके भाई मानूराम केवट ने कहा कि उसके भाई की मौत स्वाभाविक रूप से नहीं हुई है। न ही वह बीमार हुआ था। जेल में उसके साथ मारपीट की गई है। पीट-पीटकर उसकी हत्या की गई है। उसने कहा कि हमारा भाई चोरी का आरोपी था, उसे जेल भेजा गया। लेकिन, अब उसकी मौत के बाद उसे न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

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