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छत्तीसगढ़

ग्रामीणों ने हाथी शावक को,हाथियों ने ग्रामीण और मवेशी को मार डाला

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में हाथियों और मानव के बीच द्वंद जारी है। यहां पसान रेंज में हाथियों की लगातार बनी मौजूदगी के बीच दो बड़ी घटनाएं हुई हैं। वन विभाग के मैदानी अमले के द्वारा हाथियों पर लगातार रखी जा रही नजर के बीच कुछ ग्रामीणों ने वन अमले को छकाते हुए हाथी के 1 साल के बच्चे की जान ले ली। हाथी को मारने की भनक तक वन अमले को नहीं लग सकती वहीं हाथियों ने मौत का बदला लेकर एक ग्रामीण और मवेशी को मार डाला है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग द्वारा मामले में कार्यवाही की जा रही है।

जानकारी के अनुसार कटघोरा वन मंडल के पसान वन परिक्षेत्र के ग्राम बनिया में कुछ ग्रामीणों ने मिलकर हाथी को मार दिया। मृतक हाथी की उम्र 1 साल की बताई जा रही है। डीएफओ श्रीमती प्रेमलता यादव ने बताया कि ग्राम बनिया के एक खेत में हाथी के बच्चे को मारने के बाद गड्ढा खोदकर छिपा दिया गया। इसकी जानकारी होते ही वन अमले ने मौके पर पहुंचकर हाथी के शव को बाहर निकाला। उसके पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जा रही है। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट होने के उपरांत आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जिस ग्रामीण के खेत में हाथी के शावक को मारकर गाड़ा गया था, उस किसान को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बिलासपुर एटीआर से विशेषज्ञों की टीम व डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंच गई है।

इधर दूसरी ओर इस घटना के बाद पसान के जंगल में मौजूद 44 हाथियों का आक्रोश फूट पड़ा है और आसपास के ग्रामीण वनांचल क्षेत्रों में जमकर उत्पात मचा रहे हैं। हाथियों के एक झुंड ने जटगा रेंज में एक ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया तो एक मवेशी को भी पैरों तले रौंद दिया है। शावक हाथी की मौत के बाद हाथियों का गुस्सा भड़क उठा है जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। डीएफओ श्रीमती यादव ने कहा है कि वन अमला सारे हालातों पर नजर रख रहा है। ग्रामीणों को बार-बार सलाह दी जा रही है कि वह किसी भी सूरत में हाथियों के आसपास ना भटकें,उन्हें शोर-शराबा सहित विभिन्न हरकतों के जरिए आक्रोशित ना करें।

 

 

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