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छत्तीसगढ़

विश्व तंबाकू निषेध दिवस आज:जिला अस्पताल में जांच में मिले 41 कैंसर के मरीज, इनमें दस काे मुंह का कैंसर

जांजगीर: तम्बाकू और उससे बने उत्पाद सिगरेट और बीड़ी का उपयोग करने वालों की तादाद दिनोंदिन बढ़ रही है। नेशनल हेल्थ सर्वे रिपोर्ट के अनुसार जिले में 14.8 प्रतिशत महिलाएं, तो 40.4 प्रतिशत पुरुष किसी न किसी प्रकार के तम्बाकू का सेवन करते हैं। पिछले कुछ दिनों से जिले में कैंसर की जांच की सुविधा शुरू हुई है। यहां जांच में 41 लोग विभिन्न प्रकार के कैंसर से प्रभावित मिले हैं, उनमें से 10 तो ओरल यानि मुंह के कैंसर से पीड़ित हैं, यह स्थिति चिंताजनक है।

तम्बाकू युक्त गुटखा, पाउच में बिच्छू का चित्र मुद्रित करने तथा सिगरेट के पैकेट में इसके उपयोग को हानिकारक बताने का प्रावधान है, वहीं तम्बाकू के सभी उत्पादों में वैधानिक चेतावनी लिखी होती है कि तम्बाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, लेकिन फिर भी इसकी परवाह किसी को नहीं है।

तम्बाकू खाने वाले रोज दर्जनों पाउच गटक जाते हैं। पांचवे नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2020-21 की रिपोर्ट कुछ दिनों ही पहले जारी हुई है। इस रिपोर्ट में कुछ हैरान करने वाले आंकड़ें हैं। 104 बिंदुओं की रिपोर्ट में पता चलता है कि जिले की 15 साल से अधिक उम्र की 14.8 फीसदी महिलाएं किसी न किसी प्रकार के तंबाकू का सेवन करती हैं। यह तंबाकू धुम्रपान, गुड़ाखू या गुटखे के स्वरूप में हो सकता है। इसके विपरीत पुरुषों में यह आंकड़े और भी अधिक हैं। जिले के 15 वर्ष से अधिक आयु के 40.2 फीसदी पुरुष तंबाकू उत्पाद का सेवन कर रहे हैं।

ओरल कैंसर के 10 मरीजों का चल रहा है इलाज
घर-घर में तम्बाकू का जहर फैल रहा है। युवा, किशोर व वृद्ध सभी को गुटखा, सिगरेट की लत है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 41 कैंसर से पीड़ित मरीजों की पहचान की गई है, इनमें 10 ऐसे गंभीर मरीज हैं, जो वर्तमान में मुंह के कैंसर से पीड़ित हैं।

ऐसे लक्षण दिखें तो सतर्क रहें यह कैंसर हो सकता है
डॉ. इकबाल के अनुसार मुंह का कैंसर तब होता है, जब शरीर में अनुवांशिक परिवर्तन के कारण कोशिकाएं बिना नियंत्रण के बढ़ती हैं। जैसे-जैसे ये कोशिकाएं बढ़ती हैं, तो ये एक ट्यूमर बनाती हैं। समय के साथ ये कोशिकाएं शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल जाती हैं। कैंसर की शुरुआत मुंह के अंदर सफेद छाले या छोटे घाव से होती है, लंबे समय तक अगर मुंह के भीतर सफेद धब्बा, घाव, छाला रहता है, तो आगे चलकर यह मुंह का कैंसर बन जाता है। मुंह से दुर्गंध, आवाज बदलना, आवाज बैठ जाना, कुछ निगलने में तकलीफ, लार का अधिक या ब्लड के साथ आना, गर्दन में अचानक गांठ हो जाना, कान में दर्द होना, अचानक से वजन घटना ये भी मुंह के कैंसर के लक्षण हैं।

तम्बाकू व धूम्रपान से नुकसान, इससे बचें: डॉ. इकबाल
जिला अस्पताल में कैंसर रोग की जांच करने वाले डॉ. इकबाल हुसैन के अनुसार तम्बाकू में निकोटिन होता है, जो स्वास्थ्य के लिए घातक है। इसके सेवन और धूम्रपान से गला या मुख का कैंसर, सांस रोग, दिल की बीमारी, दांतों की बीमारी, आंख में मोतियाबिंद व कांचबिन्दु होने की संभावना अत्यधिक रहती है। पिछले कुछ वर्षों में मुंह के कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ी है, फिलहाल ऐसे 10 मरीजों को चिन्हांकित कर उनका इलाज किया जा रहा है।

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